
सीधी (सुरेन्द्र दुबे)जिला प्रशासन सीधी में लंबित मामलों को लेकर सख्ती बढ़ती नजर आ रही
है, लेकिन इसके बावजूद कुछ अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे कि संबंधित प्रकरण का जांच प्रतिवेदन समय-सीमा में प्रस्तुत किया जाए, लेकिन अब तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है।
📄 क्या है मामला?
पत्र के अनुसार, पूर्व में कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद भी संबंधित प्रकरण में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई, जिससे प्रकरण के निराकरण में अनावश्यक देरी हो रही है।
⚠️ वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अनदेखी?
सूत्रों के अनुसार, जिला पंचायत सीधी में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) द्वारा जिला कलेक्टर सीधी के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जो प्रशासनिक अनुशासन पर सवाल खड़ा करता है।
❓ बड़ा सवाल
क्या यह लापरवाही है या जानबूझकर देरी?
क्या संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी?
क्या आम जनता को समय पर न्याय मिल पाएगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया जाता, तो इससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिला कलेक्टर सीधी के सख्ती के बावजूद यदि अधिकारी आदेशों का पालन नहीं करते, तो यह व्यवस्था पर सीधा प्रश्नचिह्न है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।




